China ने बनाया नकली सूरज, असली सूर्य से अधिक एनर्जी देगा, चांद की सतह पर लहराया चीनी झंडा

China ने बनाया नकली सूरज, असली सूर्य से अधिक एनर्जी देगा, चांद की सतह पर लहराया चीनी झंडा
China ने बनाया नकली सूरज, असली सूर्य से अधिक एनर्जी देगा, चांद की सतह पर लहराया चीनी झंडा

चीन (China) ने स्पेस के क्षेत्र में दो अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। अमेरिका के बाद चीन विश्‍व का दूसरा देश बन गया है जिसने चांद की सतह पर अपना झंडा लगाया है। वहीं, चीन के वैज्ञानिकों ने कृत्रिम सूरज (Artificial sun) तैयार करने का दावा किया है। उनका कहना है कि उन्होंने आर्टिफिशियल सन का निर्माण करने में सफलता हासिल की है। दरअसल, चीन का यह कृत्रिम सूर्य एक परमाणु फ्यूजन (nuclear fusion) है, जो असली सूरज से कई गुना ज्यादा ऊर्जा देगा। चीन की सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। चीनी मीडिया के मुताबिक, कृत्रिम के प्रोजेक्ट की कामयाबी ने चीन को विज्ञान की दुनिया में उस मुकाम पर पहुंचा दिया है जहां आज तक अमेरिका, जापान जैसे विकसित देश भी नहीं पहुंच पाए हैं।

चीन की स्‍पेस एजेंसी (China National Space Administration) ने कहा, चांद पर मंगलवार को उतरा चीनी रोबोटिक स्‍पेसक्राफ्ट चांग ई-5 (Change 5) ने चीनी झंडे को चांद की सतह पर लगाया है। चांद पर चीन के झंडे की तस्वीर स्‍पेसक्राफ्ट चांग ई-5 में लगे कैमरे ने खींचा है। बीते 50 साल में यह पहला मौका है जब अमेरिका के बाद किसी देश ने चीन की सतह पर अपना झंडा लहराया है। चीनी स्‍पेस एजेंसी के मुताबित, उसका स्‍पेसक्राफ्ट Change-5 चांद की सतह से नमूने इकट्ठा करके धरती की ओर रवाना हो गया है। दावा किया गया है कि Change-5 के लैंडर ने चंद्रमा पर लैंड करने के बाद 19 घंटे के अंदर ही वहां की नमूनों को इकठ्ठा कर लिया था।

चांद से मिट्टी लाने वाला तीसरा देश बना चीन

अमेरिका और रूस के बाद चीन दुनिया का तीसरा देश बन गया है जो चांद से नमूने इक्ट्ठे कर पृथ्वी पर ला रहा है। आपको बता दें कि Change-5 चंद्रमा की सतह पर पहुंचने वाला चीन का तीसरा अंतरिक्ष यान है। यह रोबोटिक स्पेसक्राफ्ट 17 दिसंबर को चांद से करीब दो किलो मिट्टी के साथ मंगोलिया में उतरेगा। चांग ई-5 स्पेसक्राफ्ट को चांद की उस सतह पर उतारा था, जहां पर करोड़ों साल पहले ज्वालामुखी थे। ये चांद का उत्तर-पश्चिम का इलाका है, जो हमें आंखों से दिखाई देता है।

कृत्रिम सूर्य प्रोजेक्ट 2006 में शुरू हुआ

चीन में कृत्रिम सूर्य बनाने के प्रोजेक्ट की शुरुआत 2006 में हुई थी। इस कृत्रिम सूरज को HL-2M नाम दिया गया है। इसे चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन (China National Nuclear Corporation) के साथ साउथवेस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स के वैज्ञानिकों ने मिलकर बनाया है। दावा किया जा रहा है कि कृत्रिम सूरज का प्रकाश असली सूरज की तरह तेज होगा। परमाणु फ्यूजन की मदद से तैयार इस सूरज में एक शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग किया गया है। यह सूर्य 15 करोड़ डिग्री सेल्सियस तक का तापमान हासिल कर सकता है, जो सूर्य की ऊर्जा के लगभग 10 गुना है।

 

news from money control

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *